Sāvitrī’s Report and Nārada’s Prognosis (सावित्र्याख्यान—सत्यवान्-गुणवर्णनं तथा अल्पायुषः पूर्वसूचना)
|) |] ततस्तथोक्त पितरं रामो विज्ञाय वीर्यवान् वन प्रतस्थे धर्मात्मा राजा सत्यो भवत्विति
ତାପରେ ବୀର୍ଯ୍ୟବାନ୍ ଧର୍ମାତ୍ମା ରାମ ପିତାଙ୍କ ସେଇ କଥା ଜାଣି—ରାଜା ସତ୍ୟନିଷ୍ଠ ରହୁନ୍ତୁ ଏହି ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ—ନିଜେ ବନକୁ ପ୍ରସ୍ଥାନ କଲେ।
मार्कण्डेय उवाच