भीष्म–जामदग्न्यसंवादः (Amba-prasaṅga and Kurukṣetra Dvandva Declaration) / Bhishma–Jamadagnya Dialogue
राम उवाच एवमेतत् कुरुश्रेष्ठ कर्तव्यं भूतिमिच्छता । धर्मो होष महाबाहो विशिष्टे: सह युध्यताम्,परशुरामजीने कहा--कुरुश्रेष्ठ! अपनी उन्नतिके चाहनेवाले प्रत्येक योद्धाको ऐसा ही करना चाहिये। महाबाहो! अपनेसे विशिष्ट गुरुजनोंके साथ युद्ध करनेवाले राजाओंका यही धर्म है
ରାମ କହିଲେ—ହେ କୁରୁଶ୍ରେଷ୍ଠ! ଉନ୍ନତି ଇଚ୍ଛା କରୁଥିବା ବୀର ଏଭଳି ହିଁ କରିବା ଉଚିତ। ହେ ମହାବାହୋ! ନିଜଠାରୁ ବିଶିଷ୍ଟ ଗୁରୁଜନଙ୍କ ସହ ଯୁଦ୍ଧ କରୁଥିବା ରାଜାମାନଙ୍କର ଏହି ହିଁ ଧର୍ମ।
राम उवाच