भीष्मपर्व — अध्याय ११०: पार्थभीमयोः प्रहारः तथा भीष्माभिमुखं संग्रामविस्तारः
Arjuna and Bhima’s pressure; escalation toward Bhishma
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें नवें दिनके युद्धका समाप्तिविषयक एक सौ छठा अध्याय पूरा हुआ,श्रुतं हि कुरुमुख्यस्य नाहं हन्यां शिखण्डिनम् । कन्या होषा पुरा भूत्वा पुरुष: समपद्यत कुरुकुलके प्रधान वीर भीष्मका यह निश्चय है कि मैं शिखण्डीको नहीं मारूँगा; क्योंकि वह पहले कन्यारूपमें उत्पन्न होकर पीछे पुरुष हुआ है
śrutaṃ hi kurumukhyasya nāhaṃ hanyāṃ śikhaṇḍinam | kanyā hy eṣā purā bhūtvā puruṣaḥ samapadyata ||
संजय म्हणाला—कुरुकुलातील प्रधान भीष्माचा हा संकल्प मी ऐकला आहे: ‘मी शिखंडीला मारणार नाही; कारण तो पूर्वी कन्यारूपाने जन्मला होता आणि नंतर पुरुष झाला।’
संजय उवाच