दमयन्तीस्वयंवरः — देववेषधारणं, सत्यप्रार्थना, नलवरणम्
Damayantī’s Svayaṃvara: Divine Disguises, Truth-Vow, and Choosing Nala
नारद उवाच शृणु मे मघवन् येन न दृश्यन्ते महीक्षित:,नारदजी बोले--मघवन्! मैं वह कारण बताता हूँ, जिससे राजालोग आजकल यहाँ नहीं दिखायी देते, सुनिये। विदर्भनरेश भीमके यहाँ दमयन्ती नामसे प्रसिद्ध एक कन्या उत्पन्न हुई है, जो मनोहर रूप-सौन्दर्यमें पृथ्वीकी सम्पूर्ण युवतियोंको लाँध गयी है
nārada uvāca | śṛṇu me maghavan yena na dṛśyante mahīkṣitaḥ |
നാരദൻ പറഞ്ഞു—“ഹേ മഘവൻ, എന്റെ വാക്ക് കേൾക്കുക; ഇപ്പോൾ ഇവിടെ രാജാക്കന്മാർ കാണപ്പെടാത്തതിന്റെ കാരണമെന്തെന്ന് ഞാൻ പറയുന്നു.”
नारद उवाच