तब भीमसेन “बहुत अच्छा” कहकर उस स्थान-पर गये, जहाँ वे पुरुषसिंह तीनों भाई पृथ्वीपर पड़े थे। उन्हें उस अवस्थामें देखकर भीमसेनको बड़ा दुःख हुआ। इधर प्यास भी उन्हें बहुत कष्ट दे रही थी ।। अमन्यत महाबाहु: कर्म तद् यक्षरक्षसाम् स चिन्तयामास तदा योद्धव्यं ध्रुवमद्य वै
ພີມເສນເວົ້າວ່າ «ດີຫຼາຍ» ແລ້ວໄປຍັງບ່ອນນັ້ນ ທີ່ອ້າຍນ້ອງສາມຄົນ—ດຸດດັ່ງສິງຫາຊາຍ—ນອນຢູ່ເທິງພື້ນດິນ. ເມື່ອເຫັນເຂົາເຈົ້າໃນສະພາບນັ້ນ ພີມເສນເສົ້າໂສກຢ່າງໜັກ ແລະຄວາມຫິວນ້ຳກໍບີບຄັ້ນເຂົາຢ່າງຫນັກ. ຜູ້ມີແຂນໃຫຍ່ນັ້ນຄິດວ່າ ນີ້ແມ່ນກຳມະຂອງຍັກສາ ຫຼື ຣັກສະ; ແລ້ວໃນຂະນະນັ້ນກໍຄິດວ່າ ມື້ນີ້ແນ່ນອນຕ້ອງຮົບ.
यक्ष उवाच