दृष्टः पश्येद् अहरहः संश्रितः प्रतिसंश्रयेत् अर्चितश् चार्चयेन् नित्यं स देवो द्विजसत्तमाः //
ຂໍ້ 55 ໃນບົດ 226 ເປັນຖ້ອຍຄໍາສຸດທ້າຍ ຄວນອ່ານດ້ວຍຄວາມເຄົາລົບ ເພື່ອຈື່ຈໍານັຍບູຮານ.