ततो ऽस्य स्रवति प्रज्ञा गिरेः पादाद् इवोदकम् मनसः पूर्वम् आदद्यात् कूर्माणाम् इव मत्स्यहा //
ຄາຖານີ້ (50) ໃນປູຣານະ ກ່າວເຖິງທຳມະ ແລະ ປະຫວັດອັນສັກສິດ ຢ່າງຊັດເຈນ।