Dhaumya’s Enumeration of Eastern Tīrthas
Prācī-diś Tīrtha-kathana
पुनाति कीर्तिता पापं दृष्टा भद्रं प्रयच्छति । अवगाढा च पीता च पुनात्यासप्तमं कुलम्,गंगाजीका नाम लिया जाय तो वह सारे पापोंको धो-बहाकर पवित्र कर देती है। दर्शन करनेपर कल्याण प्रदान करती है तथा स्नान और जलपान करनेपर वह मनुष्यकी सात पीढ़ियोंको पावन बना देती है
ガンガーは、その名を称え唱えるだけで罪を浄め、ひとたび拝して見れば吉祥を授け、さらに身を沈めて沐浴し、その水を飲めば、七代に至るまでの一族をも清める。
पुलस्त्य उवाच