कुन्तीगर्भगोपनम् तथा मञ्जूषाप्रवाहः
Kuntī’s concealed childbirth and the river-borne casket
तां दृष्टवा राक्षसेन्द्रस्य मायामिक्ष्वाकुनन्दन: । उवाच राम॑ सौमित्रिरसम्भ्रान्तो बृहद् वच:,राक्षषराज रावणकी उस मायाको देखकर इक्ष्वाकुकुलका आनन्द बढ़ानेवाले सुमित्राकुमार लक्ष्मणको तनिक भी घबराहट नहीं हुई। उन्होंने श्रीरामसे यह महत्त्वपूर्ण बात कही--
羅刹王の幻術を目にすると、イクシュヴァーク族の誉れたるラーマは、少しも動揺せず、ソーミトリ(ラクシュマナ)に向かって大いなる言葉を告げた。
मार्कण्डेय उवाच