Sāvitrī’s Report and Nārada’s Prognosis (सावित्र्याख्यान—सत्यवान्-गुणवर्णनं तथा अल्पायुषः पूर्वसूचना)
गतो दशरथ: स्वर्ग वनस्थौ रामलक्ष्मणौ । गृहाण राज्यं विपुलं क्षेमं निहतकण्टकम्,“बेटा! तुम्हारे पिता महाराज दशरथ स्वर्गलोकको सिधार गये तथा श्रीराम और लक्ष्मण वनमें निवास करते हैं। अब यह विशाल राज्य सब प्रकारसे सुखद और निष्कण्टक हो गया है। तुम इसे ग्रहण करो”
「ダシャラタ王は天界(スヴァルガ)へ赴き、ラーマとラクシュマナは森に住んでいる。ゆえに、この広大な王国を受けよ。安穏にして、もはや棘(わざわい)なきものだ。」
मार्कण्डेय उवाच