Hanūmān’s Embrace, Counsel, and Promise to Amplify Bhīma’s Battle-Roar
Gandhamādana Continuation
ततो यज्ञा: प्रवर्तन्ते धर्माक्ष विविधा: क्रिया: । त्रेतायां भावसंकल्पा: क्रियादानफलोपगा:,त्रेतायुगमें ही यज्ञ, धर्म तथा नाना प्रकारके सत्कर्म आरम्भ होते हैं। लोगोंको अपनी भावना तथा संकल्पके अनुसार वेदोक्त कर्म तथा दान आदिके द्वारा अभीष्ट फलकी प्राप्ति होती है
それよりトレーター・ユガにおいて、ヤジュニャ(祭祀)、ダルマ、そしてさまざまな善き行いが始まった。人々は己が心のありようと誓願に応じ、ヴェーダに説かれた行為と布施などによって、望む果報を得たのである。
भीम उवाच