अध्याय ७१ — द्रोणव्यूहरक्षा तथा समकालीन द्वन्द्वयुद्धानि
Protection of Droṇa’s formation and parallel duels
तस्मात् स्वर्गगतं पुत्रमर्जुनस्य हतं रणे | न चेहानयितुं शक््यं किंचिदप्राप्पमीहितम्,अर्जुनका पुत्र युद्धमें मारे जानेके कारण स्वर्गलोकमें गया हुआ है। अतः उसे यहाँ नहीं लाया जा सकता। कोई अप्राप्य वस्तु केवल इच्छा करनेमात्रसे नहीं सुलभ हो सकती
ヴィヤーサは語った。「ゆえに、戦で討たれたアルジュナの子は天界へ赴いた。したがって、ここへ連れ戻すことはできぬ。得難きものは、ただ望むだけで容易に手に入るものではない。」
व्यास उवाच