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Shloka 40

आदि पर्व, अध्याय 67 — गान्धर्वविवाह-समयः

Duḥṣanta–Śakuntalā: Gandharva Marriage and Succession Condition

काशिराज: स विख्यात: पृथिव्यां पृथिवीपते । ग्रहं तु सुषुवे यं तु सिंहिकार्केन्दुमर्दनम्‌ । स क्राथ इति विख्यातो बभूव मनुजाधिप:,अयःशिरा, अश्वशिरा, वीर्यवान्‌ अयः:शंकु, गगनमूर्धा और वेगवान--राजन्‌! ये पाँच पराक्रमी महादैत्य केकय देशके प्रधान-प्रधान महात्मा राजाओंके रूपमें उत्पन्न हुए। उनसे भिन्न केतुमान्‌ नामसे प्रसिद्ध प्रतापी महान्‌ असुर अमितौजा नामसे विख्यात राजा हुआ, जो भयानक कर्म करनेवाला था। स्वर्भानु नामवाला जो श्रीसम्पन्न महान्‌ असुर था, वही भयंकर कर्म करनेवाला राजा उग्रसेन कहलाया। अश्व नामसे विख्यात जो श्रीसम्पन्न महान्‌ असुर था, वही किसीसे परास्त न होनेवाला महापराक्रमी राजा अशोक हुआ। राजन! उसका छोटा भाई जो अश्वपति नामक दैत्य था, वही मनुष्योंमें श्रेष्ठ हार्दिक्य नामवाला राजा हुआ। वृषपर्वा नामसे प्रसिद्ध जो श्रीमान्‌ महादैत्य था, वह पृथ्वीपर दीर्घप्रज्ञ नामक राजा हुआ। राजन! वृषपर्वाका छोटा भाई जो अजक था, वही इस भूमण्डलमें शाल्व नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ। अश्वग्रीव नामवाला जो धैर्यवान्‌ महादैत्य था, वह पृथ्वीपर रोचमान नामसे विख्यात राजा हुआ। राजन! बुद्धिमान्‌ और यशस्वी सूक्ष्म नामसे प्रसिद्ध जो दैत्य कहा गया है, वह इस पृथ्वीपर बृहद्रथ नामसे विख्यात राजा हुआ है। असूुरोंमें श्रेष्ठ जो तुहुण्ड नामक दैत्य था, वही यहाँ सेनाबिन्दु नामसे विख्यात राजा हुआ। असुरोंके समाजमें जो सबसे अधिक बलवान था, वह इषुपाद नामक दैत्य इस पृथ्वीपर विख्यात पराक्रमी नग्नजित्‌ नामक राजा हुआ। एकचक्र नामसे प्रसिद्ध जो महान्‌ असुर था, वही इस पृथ्वीपर प्रतिविन्ध्य नामसे विख्यात राजा हुआ। विचित्र युद्ध करनेवाला महादैत्य विरूपाक्ष इस पृथ्वीपर चित्रधर्मा नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ। शत्रुओंका संहार करनेवाला जो वीर दानवश्रेष्ठ हर था, वही सुबाहु नामक श्रीसम्पन्न राजा हुआ। शत्रुपक्षका विनाश करनेवाला महातेजस्वी अहर इस भूमण्डलमें बाह्लिक नामसे विख्यात राजा हुआ। चन्द्रमाके समान सुन्दर मुखवाला जो असुरश्रेष्ठ निचन्द्र था, वही मुंजकेश नामसे विख्यात श्रीसम्पन्न राजा हुआ। परम बुद्धिमान्‌ निकुम्भ जो युद्धमें अजेय था, वह इस भूमिपर भूपालोंमें श्रेष्ठ देवाधिप कहलाया। दैत्योंमें जो शरभ नामसे प्रसिद्ध महान्‌ असुर था, वही मनुष्योंमें श्रेष्ठ राजर्षि पौरव हुआ। राजन! महापराक्रमी महान्‌ असुर कुपट ही इस पृथ्वीपर राजा सुपार्श्वके रूपमें उत्पन्न हुआ। महाराज! महादैत्य क्रथ इस पृथ्वीपर राजर्षि पार्वतेयके नामसे उत्पन्न हुआ, उसका शरीर मेरु पर्वतके समान विशाल था। असुरोंमें शलभ नामसे प्रसिद्ध जो दूसरा दैत्य था, वह बाह्लीकवंशी राजा प्रह्मद हुआ। दैत्यश्रेष्ठ चन्द्र इस लोकमें चन्द्रमाके समान सुन्दर और चन्द्रवर्मा नामसे विख्यात काम्बोज देशका राजा हुआ। अर्क नामसे विख्यात जो दानवोंका सरदार था, वही नरपतियोंमें श्रेष्ठ राजर्षि ऋषिक हुआ। नृपशिरोमणे! मृतपा नामसे प्रसिद्ध जो श्रेष्ठ असुर था, उसे पश्चिम अनूप देशका राजा समझो। गविष्ठ नामसे प्रसिद्ध जो महातेजस्वी असुर था, वही इस पृथ्वीपर द्रुमसेन नामक राजा हुआ। मयूर नामसे प्रसिद्ध जो श्रीमान्‌ एवं महान्‌ असुर था, वही विश्व नामसे विख्यात राजा हुआ। मयूरका छोटा भाई सुपर्ण ही भूमण्डलमें कालकीर्ति नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ। दैत्योंमें जो चन्द्रहन्ता नामसे प्रसिद्ध श्रेष्ठ असुर कहा गया है, वही मनुष्योंका स्वामी राजर्षि शुनक हुआ। इसी प्रकार जो चन्द्रविनाशन नामक महान्‌ असुर बताया गया है, वही जानकि नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ। कुरुश्रेष्ठ जनमेजय! दीर्घजिह्न नामसे प्रसिद्ध दानवराज ही इस पृथ्वीपर काशिराजके नामसे विख्यात था। सिंहिकाने सूर्य और चन्द्रमाका मान मर्दन करनेवाले जिस राहु नामक ग्रहको जन्म दिया था, वही यहाँ क्राथ नामसे प्रसिद्ध राजा हुआ

vaiśampāyana uvāca |

kāśirājaḥ sa vikhyātaḥ pṛthivyāṃ pṛthivīpate |

grahaṃ tu suṣuve yaṃ tu siṃhikārkendumardanam |

sa krātha iti vikhyāto babhūva manujādhipaḥ ||

ヴァイシャンパーヤナは言った。「大地の主よ、カーシーの王は世に名高かった。そしてシンヒカーが産んだグラハ(天体)—太陽と月を襲うラーフ—は、この人間界において『クラートハ(Krātha)』の名で知られる統治者として生まれたのである。この段は、宇宙的で攪乱的な力すら人の姿を取ることを示し、王たちに告げる。名声と権勢は恐るべき起源からも生じうるゆえ、節制をもって治めねばならぬ、と。」

काशिराजःthe king of Kāśī
काशिराजः:
Karta
TypeNoun
Rootकाशिराज
FormMasculine, Nominative, Singular
सःhe
सः:
Karta
TypePronoun
Rootतद्
FormMasculine, Nominative, Singular
विख्यातःwell-known, famed
विख्यातः:
Karta
TypeAdjective
Rootविख्यात
FormMasculine, Nominative, Singular
पृथिव्याम्on the earth
पृथिव्याम्:
Adhikarana
TypeNoun
Rootपृथिवी
FormFeminine, Locative, Singular
पृथिवीपतेO lord of the earth (O king)
पृथिवीपते:
Adhikarana
TypeNoun
Rootपृथिवीपति
FormMasculine, Vocative, Singular
ग्रहम्a planet; the graha (Rāhu)
ग्रहम्:
Karma
TypeNoun
Rootग्रह
FormMasculine, Accusative, Singular
तुbut, indeed
तु:
Adhikarana
TypeIndeclinable
Rootतु
सुषुवेgave birth (bore)
सुषुवे:
Karta
TypeVerb
Rootसू
FormPerfect, Third, Singular, Parasmaipada
यम्whom
यम्:
Karma
TypePronoun
Rootयद्
FormMasculine, Accusative, Singular
तुindeed
तु:
Adhikarana
TypeIndeclinable
Rootतु
सिंहिकाSiṃhikā (a demoness)
सिंहिका:
Karta
TypeNoun
Rootसिंहिका
FormFeminine, Nominative, Singular
अर्कthe sun
अर्क:
Karma
TypeNoun
Rootअर्क
FormMasculine, Accusative, Singular
इन्दुthe moon
इन्दु:
Karma
TypeNoun
Rootइन्दु
FormMasculine, Accusative, Singular
मर्दनम्crusher, subduer
मर्दनम्:
Karma
TypeNoun
Rootमर्दन
FormNeuter, Accusative, Singular
सःhe
सः:
Karta
TypePronoun
Rootतद्
FormMasculine, Nominative, Singular
क्राथःKrātha (name)
क्राथः:
Karta
TypeProperNoun
Rootक्राथ
FormMasculine, Nominative, Singular
इतिthus, as
इति:
Adhikarana
TypeIndeclinable
Rootइति
विख्यातःwell-known
विख्यातः:
Karta
TypeAdjective
Rootविख्यात
FormMasculine, Nominative, Singular
बभूवbecame
बभूव:
Karta
TypeVerb
Rootभू
FormPerfect, Third, Singular, Parasmaipada
मनुजाधिपःlord of men, king
मनुजाधिपः:
Karta
TypeNoun
Rootमनुजाधिप
FormMasculine, Nominative, Singular

वैशम्पायन उवाच

V
Vaiśampāyana
K
Kāśirāja (King of Kāśī)
P
Pṛthivīpati (addressed king, Janamejaya)
S
Siṃhikā
R
Rāhu (graha)
S
Sun (Arka)
M
Moon (Indu)
K
Krātha

Educational Q&A

The verse links celestial forces with human rulership, implying that immense power—especially disruptive power—can manifest in political life; therefore a king must exercise self-control and uphold order rather than magnify chaos.

Vaiśampāyana continues the catalogue of beings taking human birth, stating that the graha Rāhu—born of Siṃhikā and known for afflicting the Sun and Moon—became a human ruler named Krātha, while also noting the renown of the king of Kāśī.