दमयन्ती–बाहुकसंवादः
Damayantī’s Dialogue with Bāhuka; Recognition and Disclosure
बाहुक उवाच वैषम्यमपि सम्प्राप्ता गोपायन्ति कुलस्त्रिय: । आत्मानमात्मना सत्यो जित: स्वर्गों न संशय:,बाहुक बोला--उत्तम कुलकी स्त्रियाँ बड़े भारी संकटमें पड़कर भी स्वयं अपनी रक्षा करती हैं। ऐसा करके वे स्वर्ग और सत्य दोनोंपर विजय पा लेती हैं, इसमें संशय नहीं है
बाहुक उवाच