ततो5भिषिषिचु: प्रीत्या द्युमत्सेनं पुरोहिता: । पुत्रं चास्य महात्मानं यौवराज्ये5भ्यषेचयन्,वहाँ पहुँचनेपर पुरोहितोंने बड़ी प्रसन्नताके साथ द्युमत्सेनका राज्याभिषेक किया। साथ ही उनके महामना पुत्र सत्यवान्को भी युवराजके पदपर अभिषिक्त कर दिया
मार्कण्डेय उवाच