Mārkaṇḍeya’s Consolation to the King: Exempla of Rāma and the Efficacy of Allies (मार्कण्डेयाश्वासनम्)
विभीषण उवाच परमापद्गतस्यापि नाथर्मे मे मतिर्भवेत् अशिक्षितं च भगवन ब्रद्मास्त्र प्रतिभातु मे,विभीषण बोले--भगवन्! बहुत बड़ा संकट आनेपर भी मेरे मनमें कभी पापका विचार न उठे तथा बिना सीखे ही मेरे हृदयमें ब्रह्मासत्रके प्रयोग और उपसंहारकी विधि स्फुरित हो जाय
विभीषण उवाच