ब्रह्मोवाच यस्माद् राक्षसयोनौ ते जातस्यामित्रकर्शन । नाधर्मे धीयते बुद्धिरमरत्वं ददानि ते,ब्रह्माजीने कहा--शत्रुनाशन! राक्षसयोनिमें जन्म लेकर भी तुम्हारी बुद्धि अधर्ममें नहीं लगती; इसलिये (तुम्हारे माँगे हुए वरके अतिरिक्त) मैं तुम्हें अमरत्व भी देता हूँ
विभीषण उवाच