स्वर्गे दुर्योधनदर्शनम् | Duryodhana Seen in Heaven
Triviṣṭapa
वैशग्पायन उवाच स्वर्ग त्रिविष्टपं प्राप्प तव पूर्वपितामहा: । युधिष्ठिरप्रभूतयो यदकुर्वत तच्छूणु,वैशम्पायनजीने कहा--जनमेजय! जहाँ तीनों लोकोंका अन्तर्भाव है, उस स्वर्गमें पहुँचकर तुम्हारे पूर्वपितामह युधिष्ठिर आदिने जो कुछ किया, वह बताया जाता है, सुनो
वैशग्पायन उवाच