Strī-parva Adhyāya 22 — Gāndhārī’s Battlefield Lament for the Fallen (Āvantya, Bāhlika, Jayadratha, and Duḥśalā)
संरक्ष्यमाणं भायाभिरनुरक्ताभिरच्युत । भीषयन्त्यो विकर्षन्ति गहनं निम्नमन्तिकात्,अच्युत! इसमें अनुराग रखनेवाली इसकी पत्नियाँ यद्यपि रक्षामें लगी हुई हैं, तथापि गीदड़ियाँ उन्हें डरवाकर जयद्रथकी लाशको उनके निकटसे गहरे गड्ढलेकी ओर खींचे लिये जा रही हैं
वैशम्पायन उवाच