अलायुधस्य भीमवधसंकल्पः
Alāyudha’s Resolve to Confront Bhīma
त्वां हि चक्षुर्ठणं वीर॑ं कोपयित्वा सुयोधन: । समित्रबन्धु: समरे प्राणांस्त्यक्ष्यति दुर्मति:,'क्रोधपूर्ण दृष्टिपातमात्रसे विरोधीको दग्ध कर देनेवाले आप-जैसे वीरको कुपित करके दुर्बद्धि दुर्योधन अपने मित्रों और वन्धुओंके साथ समरभूमिमें प्राणोंका परित्याग कर देगा
संजय उवाच