Varṣa-Parvata-Nivāsinām Varnanam
Description of Regions, Mountains, and Their Inhabitants
अपरे क्षत्रियाश्रैव नानाजनपदेश्वरा: । ये गृद्धा भारते वर्षे न मृष्यन्ति परस्परम्,विभिन्न जनपदोंके स्वामी जो दूसरे-दूसरे क्षत्रिय हैं, वे भी इस भारतवर्षके प्रति गृध्र- दृष्टि लगाये हुए एक-दूसरेके उत्कर्षको सहन नहीं कर पाते हैं
संजय उवाच