Bhīṣma Parva, Adhyāya 4 — Dhṛtarāṣṭra–Vyāsa Saṃvāda on Kāla and Jayalakṣaṇa
Signs of Victory
संजय उवाच यथाप्रज्ञं महाप्राज्ञ भौमान् वक्ष्यामि ते गुणान् | शास्त्रचक्षुरवेक्षस्व नमस्ते भरतर्षभ,संजयने कहा--महाप्राज्ञ! मैं अपनी बुद्धिके अनुसार आपसे इस भूमिके गुणोंका वर्णन करूँगा। भरतश्रेष्ठी आपको नमस्कार है; आप शास्त्रदृष्टिसे इस विषयको देखिये और समझिये
संजय उवाच