भीष्मपर्व — अध्याय 18: सेनानिनादः, ध्वज-दीप्तिः, भीष्मरक्षण-व्यवस्था च
Battle Muster: Soundscape, Banners, and the Protection of Bhīṣma
दस हजार वेगवान् हाथियोंकी सेना साथ लेकर मगधराज उपर्युक्त रथसेनाके पीछे- पीछे चल रहे थे ।। रथानां चक्ररक्षाश्न पादरक्षाश्न दन्तिनाम् | अभवन् वाहिनीमध्ये शतानामयुतानि षट्,उस विशाल वाहिनीमें रथोंके पहियों और हाथियोंके पैरोंकी रक्षा करनेवाले सैनिक साठ लाख थे
संजय उवाच