Ulūpī’s Disclosure and the Saṃjīvana-Maṇi: Arjuna’s Restoration (उलूपी-प्रकटनं संजीवनमणि-स्थापनं च)
स एन॑ रणमध्यस्थ: शरै: पातयिता भुवि | एवं कृते स नागेन्द्र मुक्तशापो भविष्यति,“महाभाग नागराज! मणिपुरका नवयुवक राजा बश्रुवाहन अर्जुनका पुत्र है। वह युद्ध- भूमिमें खड़ा होकर अपने बाणोंद्वारा जब उन्हें पृथ्वीपर गिरा देगा, तब अर्जुन हमारे शापसे मुक्त हो जायूँगे
अर्जुन उवाच