Tapovana-praveśaḥ — The King’s Entry into the Sacred Grove and Vision of the Āśrama
आदित्यैहि तदा दैत्या बहुशो निर्जिता युधि । ऐश्वर्याद् भ्रंशिता: स्वर्गात् सम्बभूवु: क्षिताविह,उन दिनों अदितिके पुत्रों (देवताओं)-द्वारा दैत्यगण अनेक बार युद्धमें पराजित हो चुके थे। स्वर्गके ऐश्वर्यसे भ्रष्ट होनेपर वे इस पृथ्वीपर ही जन्म लेने लगे
वैशम्पायन उवाच