कृष्णपार्थो जिघांसन्तः प्रतीयुर्विविधायुधा: । रुद्र, वसु, महाबली मरुदगण, विश्वेदेव तथा अपने तेजसे प्रकाशित होनेवाले साध्यगण --ये और दूसरे बहुत-से देवता नाना प्रकारके अस्त्र-शस्त्र लेकर उन पुरुषोतम श्रीकृष्ण और अर्जुनको मार डालनेकी इच्छासे उनकी ओर बढ़े
वैशम्पायन उवाच