Ādi Parva, Adhyāya 158 — Aṅgāraparṇa-saṃvāda and Gaṅgā-tīrtha Saṃghaṭṭa
Encounter at the Gaṅgā ford
व्युष्टिरेषा परा स्त्रीणां पूर्व भर्तु: परां गतिम् । गन्तुं ब्रह्मन् सपुत्राणामिति धर्मविदो विदु:,ब्रह्मन! पुत्रवती स्त्रियाँ यदि अपने पतिसे पहले ही मृत्युको प्राप्त हो जाये तो यह उनके लिये परम सौभाग्यकी बात है। धर्मज्ञ विद्वान् ऐसा ही मानते हैं
ब्राह्मण उवाच