Festival

Ekadashi

एकादशीEkādaśī

verses
1,124
books
20
chapters
342

What the texts say

In the Padma Purana, Ekadashi (Ekādaśī), the eleventh lunar day, is beloved of Vishnu. Padma Purana 6.38.105 The same Purana directs devotees to fast on it and keep vigil through the night, worshipping Vishnu. Padma Purana 1.23.33, 6.37.7 Another chapter says that even a sixteenth part of merit cannot equal a single fraction of the Ekadashi fast, so powerful is it in destroying human sin. Padma Purana 3.31.156 The Narada Purana adds that one takes a single meal on the tenth day and on the twelfth, and stays without food on Ekadashi, if one seeks liberation. Narada Purana 1.1.23.7

Where to read

Every verse that names Ekadashi, book by book.

    • 6.38.3

      शिव ने कहा। ब्राह्मण, यह एकादशी बहुत पुण्य देती है। जब यह अच्छी ग्रह योग से आती है, तब बड़े रिशि इसका व्रत रखना चाहिए।

    • 1.20.110

      इस व्रत को वैश्वानर-व्रत कहते हैं। यह सारे पाप मिटा देता है। ग्यारह तिथि को जो सिर्फ रात में खाना खाता है और चक्र दान करता है, वो यह व्रत करता है।

    • 1.21.24

      एकादशी के दिन, चाहिए तुम उत्तर की तरफ हो या पूरब की। पहले दाँत साफ करो। उस दिन खाना मत खाओ। और ठीक से केशव, यानी विष्णु की पूजा करो।

    • 1.1.5.139

      उसने पूजा सही से की, बहुत सारे गहने और सामान के साथ। पाँच चीज़ें भगवान को ऑफर की और एकादशी का व्रत भी रखा।

    • 1.1.18.17

      केले के पत्ते पर खाओ। नमक मत डालना। एकादशी को व्रत रखना, ध्यान से।

    • 1.1.33.81

      दशमी ब्रह्मा जी की तिथि है। एकादशी रुद्र की है। द्वादशी विष्णु जी को पसंद आती है। त्रयोदशी अंतक की है, यह मृत्यु से जुड़ी है।

    • 1.1.5.74

      जो लोग पानी पिलाते हैं, जो खाना खिलाते हैं, वो लोग भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं, वो भी भगवान के सबसे प्यारे हैं।

    • 1.1.13.37

      जो कोई एकादशी को पाँच चीज़ों का मिक्स लेकर विष्णु का स्नान करवाता है, वो विष्णु के पास जाकर मिलता है। उसके साथ उसके पूरी खानदान के लोग भी विष्णु के पास पहुँच जाते हैं।

    • 1.1.19.8

      एकादशी का व्रत रखना है, ब्रह्मचारी बनना है। सोते में भी नारायण याद रखना है। कपड़े धो के पहनने हैं, साफ-सफेद। ब्राह्मण बन के नारायण के सामने खड़ा रहना है।

    • 1.52.21

      एकादशी को बिना खाये रहो और जनार्दन भगवान की पूजा करो। फिर जो अगले दिन द्वादशी आए, उस दिन बड़े-बड़े पाप भी माफ हो जाते हैं।

    • 1.59.30

      अमावस्या में सबसे बड़ी वो होती है जो बृहस्पति के दिन आए। सूरज द्वादशी को खराब कर देता है। चाँद एकादशी को खराब कर देता है।

    • 1.121.1

      ब्रह्मा बोलते हैं, मैं तुम्हे चार महीने का व्रत बताता हूँ। यह व्रत एकादशी को शुरू करो, या आषाढ़ की पूर्णिमा को। भगवान हरि की पूरी भक्ति से पूजा करो।

Key chapters

The chapters where Ekadashi matters most.

  1. Origin of Ekādaśī and the Slaying of Mura; Greatness of Mahādvādaśī and Ekādaśī Rules

    Padma Purana 6.38 · 46 verses

    protagonist

Also known to Wikipedia · Wikidata Q1196722