Concept

Kali Yuga

कलि युग

Also called Kalyug

verses
2,658
books
26
chapters
737

What the texts say

In the Brahmanda Purana, Kali Yuga is the last of the four ages, coming after Krita, Treta and Dvapara. Brahmanda Purana 1.29.24 The Mahabharata says that in Kali Yuga dharma remains established on only one quarter. Mahabharata 3.148.32 The Bhagavata Purana tells that Kali Yuga came into the world on the very day Krishna left the earth. Bhagavatam 1.18.6, 1.15.36 In the same Purana, chanting the Hare Krishna maha-mantra can bring in Kali Yuga what meditation, sacrifice and service brought before. Bhagavatam 12.3.52 At the end of the age, it says, the Lord will appear as Kalki and rescue eternal religion. Bhagavatam 12.2.13, 11.4.22

Where to read

Every verse that names Kali Yuga, book by book.

    • 1.2.5.123

      नभस्य महीने की कृष्ण पक्ष की तेरस को कलि युग की शुरुआत माना जाता है। यह दिन युगादि कहलाते हैं। इस दिन जो भी दान करो वो कभी खत्म नहीं होता।

    • 1.2.6.132

      कलियुग में, अरे पंडितों, तुम पर मेरा श्राप पड़ेगा। लेकिन कुछ पंडित ऐसे भी रहेंगे जो सब अच्छी बातें जानते हैं।

    • 1.2.39.58

      कलि युग में 4 लाख 32 हज़ार साल होते हैं। इन चारों युग को मिला के देवता का एक युग बनता है। यह पूरा साइकिल है।

    • 1.1.10

      कलि युग में लोग ज़्यादा नहीं जीते। दिमाग भी कम चलता है। किस्मत भी ख़राब है। और ऊपर से प्रॉब्लम भी चलती रहती है।

    • 1.3.24

      फिर कली युग शुरू होने पे, भगवान बुद्ध बन कर आएंगे। वो अंजना के बेटा होंगे। यह देवताओं के दुश्मनों को उलझने के लिए होगा। कीकट में यह होगा, जो गया के आस-पास का इलाका है।

    • 1.4.17

      रिशि ने देखा कि दुनिया की चीज़ों में ताकत कम हो रही है। लोगों में श्रद्धा नहीं रह गई। दिल में अच्छाई नहीं, बुद्धि भी स्लो हो गई है। उम्र भी छोटी हो गई है, किस्मत भी खराब है। उन्होंने सोचा कि सबका भला कैसे हो, सभी लोगों का।

    • 1.4.134

      ब्रह्मा की कृपा से तुम कलि के खेलों की कथाओं को पसंद करोगे। तुम्हारी कोई रोको-टोको नहीं होगी। तुम आसमान में, धरती पे, और नीची दुनिया में भी आराम से जा सकते हो।

    • 1.14.116

      आपको नमन है, आप खुशी से खेलते हैं और सब देव आपमें हैं। कलि युग में आप ही सब खत्म करेंगे। इसलिए आपको महाकाल कहते हैं।

    • 1.15.106

      यह पाप मिटाता है और बुरी लोगों को रोक देता है। खाना, धन और ताकत बढ़ा देता है। सफलता देता है, नाम कमा देता है। कलि युग के सारे दोष मिटा देता है।

    • 4.22.3

      इक्ष्वाकु वंश भी एक टाइम पे खत्म होगा। सुमित्रा नाम का राजा इस वंश का आखरी राजा होगा। कलि युग में उसके बाद यह पूरा वंश खत्म हो जाएगा।

    • 1.6.15

      मैत्रेय, लोगों के अंदर बुराई का बीज उगने लगा। यह अंधेरा और लालच से पैदा हुआ। इससे लोगों में राग और ऐसे ही और बुरी आदतें आ गई। अब वो अच्छे काम के लायक नहीं रहे।

    • 1.9.27

      यज्ञ होने बंद हो गए। रिशि-मुनि भी तपस्या करना छोड़ दिए। लोगों का मन दान-धरम से हट गया।

Key chapters

The chapters where Kali Yuga matters most.

  1. सोपान-शिखर का ‘लोक-धर्म-परिक्षण’ चरण: राम-राज्य के आदर्श के बाद कलियुग-स्वभाव का निदान, और उससे भी ऊपर ‘नाम-आश्रय’ द्वारा सहज निस्तार। उत्तरकाण्ड यहाँ ‘समाज-व्यवस्था’ का वर्णन मात्र नहीं, बल्कि साधक क

    Ramcharitmanas 7.11 · 10 verses

  2. सोपान-शिखर: भोग-वैराग्य का निर्णायक विवेक। यहाँ राम-राज्य के बाह्य आदर्श से आगे बढ़कर ‘अंतःशासन’ (चित्त-शुद्धि, सत्संग, भक्ति) का उपदेश आता है, कलियुग-स्वभाव का निदान, परहित-धर्म की स्थापना, तथा भक्ति

    Ramcharitmanas 7.5 · 1 verse

  3. Ikṣvāku Dynasty Terminus at Sumitra and the Kali-yuga Horizon

    Vishnu Purana 4.22 · 1 verse

    The temporal condition in which the dynasty’s cessation is…

Also known to Wikipedia · Wikidata Q228409