हे सोम! पवमान होकर यहाँ प्रवाहित हो—हिरण्यवत् (स्वर्ण-दीप्त), अश्ववत् (अश्व-प्रद), वीरवत् (वीरों से युक्त)। गो-समृद्ध, वाज (पुरस्कार/बल) को यहाँ ले आ। स्वाहा!
Padapatha (Word Analysis)
आ । पवस्व । हिरण्य-वत् । अश्व-वत् । सोम । वीर-वत् । वाजम् । गो-मत्-तमम् । आ । भर । स्वाहा ।