svarā́ḍ asi sapatná-hā | satrá-rāḍ asy abhimāti-hā | janá-rāḍ asi rakṣó-hā | sárva-rāḍ asy amitra-hā |
Translation
तू स्वराज् है—सपत्नों का संहार करने वाला। तू सत्र में राज करता है—अभिमाति (आक्रमण/द्वेष) का संहार करने वाला। तू जनों में राज करता है—राक्षसों का संहार करने वाला। तू सर्व पर राज करता है—अमित्र का संहार करने वाला।