Bhīmasena–Hanūmān Saṃvāda: The Tail Test and the Divine Path
लाडूलास्फोटशब्दाच्च चलित: स महागिरि: । विघूर्णमानशिखर: समन्तात् पर्यशीर्यत,पूँछके फटकारनेकी आवाजसे वह महान् पर्वत हिल उठा। उसके शिखर झूमते-से जान पड़े और वह सब ओरसे टूट-फ़ूटकर बिखरने लगा। वह शब्द मतवाले हाथीके चिग्धाड़ोेकी आवाजको भी दबाकर विचित्र पर्वत-शिखरोंपर चारों ओर फैल गया
lāḍūlāsphoṭaśabdāc ca calitaḥ sa mahāgiriḥ | vighūrṇamānaśikharaḥ samantāt paryaśīryata ||
वैशम्पायन बोले—पूँछ की फटकार के उस चटाकेदार शब्द से वह महापर्वत काँप उठा। उसके शिखर डोलने लगे और वह चारों ओर से टूट-फूटकर बिखरने लगा; वह प्रतिध्वनि विचित्र पर्वत-शिखरों पर फैलकर मतवाले हाथियों के चिग्घाड़ को भी दबा देती थी।
वैशम्पायन उवाच