Kṛṣṇa-vīrya-kathana
Dhṛtarāṣṭra’s appraisal of Vāsudeva’s deeds
के वा तत्र तनूंस्त्यक्त्वा प्रतीपं मृत्युमाव्रजन् । अमानुषाणां जेतारं युद्धेष्वपि धनंजयम्,मानवेतर प्राणियों (देवताओं और दैत्यों)-पर भी विजय पानेवाले वीर अर्जुनको युद्धमें अपने प्रतिकूल पाकर किन वीरोंने वहाँ अपने शरीरोंको निछावर करके मृत्युको स्वीकार किया?
ke vā tatra tanūṁs tyaktvā pratīpaṁ mṛtyum āvrajan | amānuṣāṇāṁ jetāraṁ yuddheṣv api dhanañjayam |
मानवेतर प्राणियों (देवताओं और दैत्यों) पर भी विजय पाने वाले वीर अर्जुन को युद्ध में अपने प्रतिकूल पाकर, किन वीरों ने वहाँ अपने शरीरों को निछावर करके मृत्यु को स्वीकार किया?
वैशम्पायन उवाच