Abhimanyunidhana-prakāśaḥ — Vasudeva–Kṛṣṇa–Subhadrā–Kuntī śoka-saṃvāda
Disclosure and Consolation
ततस्तत् पाण्डवं सैन्यं प्रसुप्तं शिबिरे निशि । निहतं द्रोणपुत्रेण पितुर्वधममृष्यता
इसके बाद रात के समय जब पाण्डवों की सेना अपनी छावनी में निश्चिन्त सो रही थी, उसी समय द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने अपने पिता के वध को न सह सकने के कारण आक्रमण करके सबको मार गिराया।
वासुदेव उवाच