Bhāgīrathī-tīra-śauca, Kurukṣetra-gamana, and Śatayūpa-āśrama-dīkṣā (गङ्गातीरशौच–कुरुक्षेत्रगमन–शतयूपाश्रमदीक्षा)
वैशम्पायन उवाच इत्युक्त: प्रत्युवाचेदं धृतराष्ट्री जनाधिपम् । कुशली विदुर: पुत्र तपो घोरं समाश्रित:
वैशम्पायन बोले— ऐसा कहे जाने पर धृतराष्ट्र ने जनाधिप युधिष्ठिर से उत्तर दिया— “पुत्र! विदुर कुशल है; वह घोर तपस्या का आश्रय लिए हुए है।”
वैशम्पायन उवाच