देवैर्विष्णोः शरणागमनम्—शिवलिङ्गस्थापनं, शिवसहस्रनामस्तवः, सुदर्शनचक्रप्रदानं च
सामान्यदेवः कोदण्डी नीलकण्ठः परश्वधी विशालाक्षो मृगव्याधः सुरेशः सूर्यतापनः
sāmānyadevaḥ kodaṇḍī nīlakaṇṭhaḥ paraśvadhī viśālākṣo mṛgavyādhaḥ sureśaḥ sūryatāpanaḥ
वे सर्वभूतों में व्याप्त सामान्यदेव, कोदण्डधारी धनुर्धर, नीलकण्ठ, परशुधारी हैं। वे विशालनेत्र, मृगव्याध-रूप से जीवों की उच्छृंखलता का शमन करने वाले, सुरेश और सूर्यतुल्य तप्त तेजस्वी हैं।
Suta Goswami (narrating the Shiva-Sahasranama to the sages of Naimisharanya)