अविमुक्तक्षेत्रमाहात्म्य — काशी-वाराणसी में मोक्ष, लिङ्ग-तीर्थ-मानचित्र, और उपासना-विधि
श्रीदेव्युवाच उद्यानं दर्शितं देव प्रभया परया युतम् क्षेत्रस्य च गुणान्सर्वान् पुनर्मे वक्तुमर्हसि
śrīdevyuvāca udyānaṃ darśitaṃ deva prabhayā parayā yutam kṣetrasya ca guṇānsarvān punarme vaktumarhasi
श्रीदेवी बोलीं— हे देव! आपने मुझे यह उपवन परम प्रभा से युक्त दिखाया है। अब इस क्षेत्र के समस्त गुणों को फिर से विस्तारपूर्वक मुझे कहने की कृपा करें।
Śrī Devī (Pārvatī/Śakti)