अविमुक्तक्षेत्रमाहात्म्य — काशी-वाराणसी में मोक्ष, लिङ्ग-तीर्थ-मानचित्र, और उपासना-विधि
चतुर्द्रोणैर् महादेवम् अष्टद्रोणैरथापि वा दशद्रोणैस् तु नैवेद्यम् अष्टद्रोणैरथापि वा
caturdroṇair mahādevam aṣṭadroṇairathāpi vā daśadroṇais tu naivedyam aṣṭadroṇairathāpi vā
चार द्रोण सामग्री से महादेव की पूजा करे—या आठ द्रोण से भी। नैवेद्य के लिए दस द्रोण का विधान है—या आठ द्रोण भी।
Suta Goswami (narrating Shiva-puja vidhi as taught in the Linga Purana)