यतिप्रायश्चित्तविधानम्
Ascetic Atonements and Discipline
त्रिरात्रमुपवासाश् च प्राणायामशतं तथा रात्रौ स्कन्नः शुचिः स्नात्वा द्वादशैव तु धारणा
trirātramupavāsāś ca prāṇāyāmaśataṃ tathā rātrau skannaḥ śuciḥ snātvā dvādaśaiva tu dhāraṇā
तीन रात उपवास करे और सौ प्राणायाम भी करे। फिर रात्रि में—यदि स्खलन हुआ हो—नियमपूर्वक शुद्ध रहकर स्नान करके बारह धारणा (एकाग्र-ध्यान) करे; यह शिव-पूजन हेतु अनुशासन है।
Suta Goswami (narrating Shiva-vrata and yogic supports to the sages at Naimisharanya)