Adhyaya 84: शिवव्रतकथनम्
Uma–Maheshvara Vrata, Shula-dana, and Month-wise Ekabhakta Vrata
राजतं कमलं चैव जांबूनदसुकर्णिकम् दत्त्वा भवाय विप्रेभ्यः प्रदद्याद् दक्षिणाम् अपि
rājataṃ kamalaṃ caiva jāṃbūnadasukarṇikam dattvā bhavāya viprebhyaḥ pradadyād dakṣiṇām api
भव (शिव) को जाम्बूनद-स्वर्ण की कर्णिका वाला रजत कमल अर्पित करके, ब्राह्मणों को भी यथोचित दक्षिणा प्रदान करनी चाहिए। यह दान पाश-बन्धन हरने वाले पति-परमेश्वर के प्रति भक्ति से किया जाए तो शुद्धि और शुभ पुण्य का कारण बनता है।
Suta Goswami (narrating to the sages of Naimisharanya)