स्वेच्छाविग्रहसंभव-प्रतिष्ठाफलवर्णनम् (विविधशिवमूर्तिप्रतिष्ठा, लोक-फल, शिवसायुज्य)
मन्त्रमाह सकृद्वा यः पातकैः स विमुच्यते मन्त्रेणानेन गन्धाद्यैर् भक्त्या वित्तानुसारतः
mantramāha sakṛdvā yaḥ pātakaiḥ sa vimucyate mantreṇānena gandhādyair bhaktyā vittānusārataḥ
जो इस मंत्र को एक बार भी उच्चारे, वह पापों से मुक्त हो जाता है। इसी मंत्र से, अपनी सामर्थ्य के अनुसार, भक्ति सहित गन्ध आदि से (शिव-लिङ्ग की) पूजा करे।
Suta Goswami (narrating Shiva-puja instructions within the Linga Purana discourse)