स्वेच्छाविग्रहसंभव-प्रतिष्ठाफलवर्णनम् (विविधशिवमूर्तिप्रतिष्ठा, लोक-फल, शिवसायुज्य)
स्कन्दोमासहितं देवं सम्पूज्य विधिना सकृत् यत्फलं लभते मर्त्यस् तद्वदामि यथाश्रुतम्
skandomāsahitaṃ devaṃ sampūjya vidhinā sakṛt yatphalaṃ labhate martyas tadvadāmi yathāśrutam
स्कन्द और उमा सहित उस देव का विधिपूर्वक एक बार भी पूजन करने से मनुष्य जो फल पाता है, उसे मैं जैसा सुना है वैसा ही अब कहता हूँ।
Suta Goswami