प्रसाद-ज्ञान-योग-मोक्षक्रमः तथा व्यास-रुद्रावतार-मन्वन्तर-परम्परा
विशोकश्च विकेशश् च विपाशः पापनाशनः सुमुखो दुर्मुखश्चैव दुर्दमो दुरतिक्रमः
viśokaśca vikeśaś ca vipāśaḥ pāpanāśanaḥ sumukho durmukhaścaiva durdamo duratikramaḥ
वह विशोक (शोक-रहित) और विकेश (अकृत्रिम/अविकृत केशधारी) है; वह विपाश (बंधनातीत) और पाप-नाशक है। वह सुमुख (सौम्य मुख) है और आवश्यकता पर दुर्मुख (भयानक मुख) भी; वह दुर्दम (अदम्य) और दुरतिक्रम (अतिक्रमण-असम्भव) है।
Suta Goswami (narrating Shiva Sahasranama to the sages of Naimisharanya)