यदुवंश-प्रवचनम्: हैहय-क्रोष्टु-वंशविस्तारः (कृतवीर्यार्जुनादि, ज्यामघ-विदर्भ-शात्वत-पर्यन्तम्)
शशबिन्दोस्तु पुत्राणां सहस्राणामभूच्छतम् शंसन्ति तस्य पुत्राणाम् अनन्तकम् अनुत्तमम्
śaśabindostu putrāṇāṃ sahasrāṇāmabhūcchatam śaṃsanti tasya putrāṇām anantakam anuttamam
शशबिन्दु के पुत्रों की संख्या हजारों में थी, जिनमें सैकड़ों प्रमुख थे। उन पुत्रों में अनन्तक को अनुत्तम, सर्वश्रेष्ठ कहा गया है।
Suta