वासिष्ठकथनम् (आदित्य–सोमवंशवर्णनम् तथा रुद्रसहस्रनाम-प्रशंसा)
सिंहशार्दूलरूपाणाम् आर्द्रचर्मांबरंधरः कालयोगी महानादः सर्वावासश्चतुष्पथः
siṃhaśārdūlarūpāṇām ārdracarmāṃbaraṃdharaḥ kālayogī mahānādaḥ sarvāvāsaścatuṣpathaḥ
जो सिंह और व्याघ्र के रूप धारण करते हैं, आर्द्र चर्म का अम्बर पहनते हैं; वे काल-योगी, महानाद-स्वरूप, सबके भीतर निवास करने वाले और चतुष्पथ—समस्त मार्गों में स्थित हैं।
Suta Goswami (narrating Shiva Sahasranama to the sages of Naimisharanya)