वासिष्ठकथनम् (आदित्य–सोमवंशवर्णनम् तथा रुद्रसहस्रनाम-प्रशंसा)
संवत्सरः कृतीमन्त्रः प्राणायामः परंतपः योगी योगो महाबीजो महारतो महाबलः
saṃvatsaraḥ kṛtīmantraḥ prāṇāyāmaḥ paraṃtapaḥ yogī yogo mahābījo mahārato mahābalaḥ
वह संवत्सर—कालचक्रों का स्वामी है; सिद्धि देने वाला पवित्र मन्त्र है; प्राणायाम-रूप अनुशासन है; और शत्रुओं को तपाने वाला परंतप है। वह योगी भी है और योग स्वयं; महाबीज—परम कारण-तत्त्व; महान रत साधक; और महाबलवान है।
Suta Goswami (reciting the Shiva Sahasranama to the sages at Naimisharanya)