वासिष्ठकथनम् (आदित्य–सोमवंशवर्णनम् तथा रुद्रसहस्रनाम-प्रशंसा)
कथितं सर्ववेदार्थसंचयं सूत सुव्रत नाम्नां सहस्रं विप्राणां वक्तुम् अर्हसि शोभनम्
kathitaṃ sarvavedārthasaṃcayaṃ sūta suvrata nāmnāṃ sahasraṃ viprāṇāṃ vaktum arhasi śobhanam
हे सुव्रत सूत! आपने समस्त वेदों के अर्थ-संग्रह का वर्णन किया। अब आप ब्राह्मणों के पावन सहस्र नामों का शोभन रूप से यथोचित पाठ कीजिए।
Sages at Naimisharanya (addressing Suta)