वासिष्ठकथनम् (आदित्य–सोमवंशवर्णनम् तथा रुद्रसहस्रनाम-प्रशंसा)
इक्ष्वाकोरश्वमेधेन इला किंपुरुषो ऽभवत् इला किंपुरुषत्वे च सुद्युम्न इति चोच्यते
ikṣvākoraśvamedhena ilā kiṃpuruṣo 'bhavat ilā kiṃpuruṣatve ca sudyumna iti cocyate
इक्ष्वाकु के अश्वमेध यज्ञ से इला किंपुरुष हो गई। और जब इला किंपुरुष-भाव में थी, तब वही सुद्युम्न नाम से भी कही जाती है।
Suta Goswami