वासिष्ठकथनम् (आदित्य–सोमवंशवर्णनम् तथा रुद्रसहस्रनाम-प्रशंसा)
इतिहासश् च कल्पश् च दमनो जगदीश्वरः दम्भो दम्भकरो दाता वंशो वंशकरः कलिः
itihāsaś ca kalpaś ca damano jagadīśvaraḥ dambho dambhakaro dātā vaṃśo vaṃśakaraḥ kaliḥ
वह इतिहास भी है और कल्प भी; वह दमन करने वाला, जगदीश्वर है। वह दम्भ भी है और दम्भ का कर्ता भी; वह दाता है। वह वंश है और वंश-कर्ता है; और वह कलि (कलियुग) भी है।
Suta Goswami