सूर्यरथ-रचना, ध्रुव-प्रेरणा, मास-गणाः च
Jyotish-chakra: Surya’s Motion and Monthly Retinues
ताण्डवैः सरसैः सर्वाश् चोपासन्ते यथाक्रमम् दिव्याः सत्यजिदन्ताश् च ग्रामण्यो रथकृन्मुखाः
tāṇḍavaiḥ sarasaiḥ sarvāś copāsante yathākramam divyāḥ satyajidantāś ca grāmaṇyo rathakṛnmukhāḥ
वे सब अपने-अपने क्रम के अनुसार सरस ताण्डव नृत्यों से उपासना करते हैं—वे दिव्य गण, तथा सत्यजिदन्त, ग्रामण्य और रथकृन्मुख के नेतृत्व वाले समूह भी, पद-क्रमानुसार अर्चना करते हैं।
Suta Goswami